खुरपका-मुंहपका रोग (Foot and Mouth Disease in Animals): लक्षण, बचाव व Foomasule
क्या आपकी गाय या भैंस के मुंह में छाले हो रहे हैं? पैरों में घाव हैं, मुंह से ज्यादा लार आ रही है या दूध कम हो गया है? ये खुरपका-मुंहपका रोग (Foot and Mouth Disease - FMD) के संकेत हो सकते हैं।
खुरपका-मुंहपका रोग एफएमडी (FMD) एक तेज़ी से फैलने वाला वायरल रोग है। इसे अंग्रेजी में Foot and Mouth Disease (FMD) और हिंदी में मुँहपका-खुरपका रोग कहा जाता है। यह मुख्य रूप से गाय, भैंस, बकरी, भेड़ और अन्य खुर वाले पशुओं को प्रभावित करता है।
पशुओं में इस बीमारी से जुड़ी जानकारी Foot and Mouth Disease in Animals के नाम से भी खोजी जाती है।
एफएमडी (FMD) का असर केवल पशु के स्वास्थ्य पर ही नहीं पड़ता, बल्कि दूध उत्पादन, पशु की कार्यक्षमता और पशुपालक की आय पर भी पड़ता है।
खुरपका-मुंहपका रोग क्या है?
एफएमडी (FMD) यानी Foot and Mouth Disease एक संक्रामक वायरल बीमारी है। इस रोग में पशु के मुंह, जीभ, खुर और थन के आसपास छाले या फफोले दिखाई दे सकते हैं। इनके फूटने के बाद दर्दनाक घाव बन सकते हैं।
पशु को बेचैनी, अत्यधिक लार आना, चारा‑पानी कम करना, कमजोरी और लंगड़ाने जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
दुधारू पशुओं में एफएमडी (FMD) के कारण दूध की मात्रा कम हो सकती है और बीमारी के बाद भी दूध उत्पादन पहले की तुलना में कम रह सकता है।
FMD के प्रमुख लक्षण
अगर आप “गाय में खुरपका मुंहपका रोग के लक्षण” या “FMD disease symptoms in cattle” खोज रहे हैं, तो इन लक्षणों पर ध्यान दें:
- शरीर का तापमान बढ़ना
- मुंह और जीभ के आसपास छाले या फफोले
- खुरों और पैरों के आसपास घाव
- मुंह से चिपचिपी या झागदार लार आना
- चारा और पानी कम करना
- कमजोरी और वजन कम होना
- लंगड़ाना
- दूध उत्पादन में कमी
- दुधारू पशुओं में दूध देने की क्षमता कम होना
युवा पशुओं में यह बीमारी अधिक गंभीर हो सकती है, इसलिए उनमें विशेष सावधानी आवश्यक है।
एफएमडी (FMD) कैसे फैलता है?
खुरपका-मुंहपका रोग एफएमडी (FMD) संक्रमित पशु और दूषित वस्तुओं के संपर्क से फैल सकता है। दूषित दूध निकालने के उपकरण, कपड़े, जूते, वाहन, पानी और अन्य फ़ार्म उपकरण संक्रमण को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचा सकते हैं।
इसलिए यदि आसपास के गांव या फ़ार्म में एफएमडी (FMD) का प्रकोप है, तो पशुपालकों को अपने पशुओं की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए।
खुरपका-मुंहपका रोग से बचाव कैसे करें?

1. समय पर एफएमडी टीकाकरण (FMD vaccination) करवाएं
एफएमडी (FMD) की रोकथाम में नियमित टीकाकरण महत्वपूर्ण है। अपने क्षेत्र में लागू vaccination schedule के अनुसार पशु चिकित्सक या स्थानीय पशुपालन विभाग की सलाह से टीकाकरण करवाएं।
ध्यान रखें: किसी भी निवारक दवा (Preventive medicine) को नियमित एफएमडी टीकाकरण (FMD vaccination) का प्रतिस्थापन (Replacement) नहीं मानना चाहिए।
2. पशुशाला की साफ‑सफाई रखें
पशुशाला में साफ‑सफाई बनाए रखें। गोबर और गंदगी को नियमित रूप से हटाएं तथा दूध निकालने वाले उपकरणों को अच्छी तरह साफ और स्वच्छ (Sanitize) करें।
फ़ार्म पर आने वाले लोगों, वाहनों और उपकरणों की स्वच्छता का भी ध्यान रखें।
3. संक्रमित पशु को अलग रखें
यदि किसी पशु में एफएमडी (FMD) के लक्षण दिखाई दें, तो उसे स्वस्थ पशुओं से अलग रखना जरूरी है। बीमारी के फैलाव को रोकने के लिए तुरंत पशु चिकित्सक से संपर्क करें।
FMD Outbreak होने पर पशुओं की सुरक्षा
अगर आपके आसपास एफएमडी (FMD) का प्रकोप (Outbreak) हो रहा है, तो संक्रमण से बचाव के लिए फ़ार्म की साफ़-सफ़ाई और जैव-सुरक्षा (Farm hygiene and Biosecurity) पर विशेष ध्यान दें।
इसके साथ, आपके उत्पाद की जानकारी के अनुसार (Foomasule No. 1) को पशुओं में मुँहपका-खुरपका रोग की रोकथाम के लिए होम्योपैथिक पशु औषधि के रूप में उपयोग किया जाता है।
Foomasule No. 1 – FMD की रोकथाम के लिए
(Foomasule No. 1) को पशुओं में खुरपका-मुँहपका रोग (Foot and Mouth Disease - FMD) की रोकथाम के उद्देश्य से तैयार किया गया होम्योपैथिक पशु चिकित्सा उत्पाद बताया गया है।
गोयल वेट फार्मा (Goel Vet Pharma) के इस उत्पाद की जानकारी पशुपालकों को एफएमडी (FMD) की रोकथाम और पशुओं की देखभाल से जुड़े विकल्पों को समझने में मदद कर सकती है।
आपके product information के अनुसार, Foomasule No. 1 पशुओं की immunity को support करता है और एफएमडी (FMD) के विभिन्न strains के विरुद्ध रोकथाम के लिए उपयोग किया जाता है।
उत्पाद की जानकारी में पशुओं में रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) बढ़ने का प्रभाव 48 से 72 घंटे में होने का दावा किया गया है।
Foomasule No. 1 के बारे में
- FMD की रोकथाम के लिए उपयोग
- पशुओं की immunity को support करने के लिए उपयोग
- FMD के विभिन्न strains के विरुद्ध prevention के लिए उपयोग
आसपास (FMD) outbreak होने पर बचावकारी सहायता (Preventive support) के रूप में उपयोग
एक पैकेट में 4 गोलियाँ (Boluses) होते हैं।
खुराक: आपके उत्पाद की जानकारी के अनुसार, गोलियाँ (Boluses) को सुबह और शाम पैकेट पर दिए गए निर्देशों के अनुसार या पशु चिकित्सक के निर्देशानुसार दिया जाता है।
अगर पशु में एफएमडी (FMD) के लक्षण दिखाई दें तो?
यदि पशु के मुंह में छाले हैं, पैरों में घाव हैं, ज्यादा लार आ रही है, पशु चारा नहीं खा रहा है या दूध अचानक कम हो गया है, तो इसे केवल दूध कम होने की समस्या न समझें।
गाय में खुरपका-मुंहपका रोग के उपचार (Cow foot and mouth disease treatment) के लिए सही जानकारी और समय पर पशु चिकित्सक की सलाह लेना जरूरी है।
ऐसे लक्षण एफएमडी (FMD) सहित अन्य स्वास्थ्य समस्याओं से जुड़े हो सकते हैं। इसलिए पशु को अलग रखें और पशु चिकित्सक से तुरंत सलाह लें।
Foomasule No. 2 - FMD से प्रभावित पशुओं के लिए
Foomasule No. 2 आपके उत्पाद की जानकारी (Product information) के अनुसार पशुओं में मुँहपका-खुरपका रोग एफएमडी (FMD) के उपचार के लिए उपयोग की जाने वाली होम्योपैथिक पशु औषधि है।
मवेशियों में खुरपका-मुंहपका रोग के उपचार (foot and mouth disease treatment in cattle) के दौरान समय पर बीमारी की पहचान और उचित देखभाल महत्वपूर्ण है।
उत्पाद की जानकारी के अनुसार, Foomasule No. 2 FMD के विभिन्न strains के विरुद्ध उपयोग के लिए बताई गई है तथा पशुओं के मुंह के छालों और घावों में सहायता करने के लिए उपयोग की जाती है। उत्पाद की जानकारी में मुंह के छालों के 24 से 48 घंटे में ठीक होने और पशु के दोबारा चारा खाने लगने का दावा किया गया है।
Foomasule No. 2 के बारे में
- एफएमडी (FMD) से प्रभावित पशुओं के लिए उपयोग
- मुंह के छालों में सहायता
- पशु को दोबारा चारा खाने में सहायता
- एफएमडी (FMD) के विभिन्न strains के विरुद्ध उपयोग के लिए बताया गया
एक पैकेट में 4 boluses होते हैं।
खुराक: आपके product information के अनुसार, इसे सुबह और शाम पैकेट पर दिए गए निर्देशों के अनुसार या पशु चिकित्सक की सलाह के अनुसार दिया जाता है।
Foomasule No. 1 और No. 2 में अंतर
उत्पाद | मुख्य उपयोग
- Foomasule No. 1 FMD की रोकथाम और इम्युनिटी को बढ़ावा देना (Immunity support)
- Foomasule No. 2 FMD से प्रभावित पशुओं में उपचार/support के लिए
इसलिए Foomasule No. 1 को रोकथाम (prevention) के लिए और Foomasule No. 2 को प्रभावित जानवर (affected animals) के लिए आपके उत्पाद की जानकारी (product information) के अनुसार अलग-अलग उद्देश्य से position किया जाता है।
एफएमडी (FMD) में दूध क्यों कम हो सकता है?
एफएमडी (FMD) के दौरान पशु के मुंह और पैरों में दर्दनाक घाव होने के कारण वह चारा‑पानी कम कर सकता है। इससे कमजोरी और उत्पादन (Production) में गिरावट आ सकती है।
दुधारू पशुओं में दूध की मात्रा कम होना एफएमडी (FMD) से जुड़े प्रमुख उत्पादन से जुड़े प्रभाव (Production‑related effects) में से एक है। बीमारी से ठीक होने के बाद भी कुछ पशुओं में दूध उत्पादन पहले के स्तर से कम रह सकता है।
इसलिए अगर गाय का दूध अचानक कम हो गया है या भैंस का दूध कम हो रहा है, तो पशु के स्वास्थ्य की भी जांच करवाना जरूरी है।
पशुपालकों के लिए जरूरी सलाह
एफएमडी (FMD) एक संक्रामक बीमारी है। इसलिए केवल किसी एक दवा पर निर्भर रहने के बजाय टीकाकरण, फार्म स्वच्छता, जैव सुरक्षा, अलगाव और पशु चिकित्सा मार्गदर्शन (vaccination, farm hygiene, biosecurity, isolation और veterinary guidance) को प्राथमिकता देना जरूरी है।
गाय और अन्य मवेशियों में एफएमडी (FMD) के उपचार (foot and mouth disease in cattle treatment) के दौरान पशु चिकित्सक की सलाह के अनुसार देखभाल करना और संक्रमण को फैलने से रोकना भी आवश्यक है।
अगर आसपास एफएमडी (FMD) का प्रकोप है, तो अपने पशुओं की नियमित निगरानी करें और किसी भी असामान्य लक्षण को नजरअंदाज न करें।
निष्कर्ष
खुरपका-मुंहपका रोग एफएमडी (FMD) पशुओं के लिए गंभीर संक्रामक बीमारी हो सकती है और इसका असर दूध उत्पादन और पशु के स्वास्थ्य पर पड़ सकता है।
एफएमडी (FMD) की रोकथाम के लिए समय पर vaccination, साफ‑सफाई, संक्रमित पशु को अलग रखना और फ़ार्म बायोसिक्योरिटी (Farm biosecurity) महत्वपूर्ण हैं।
आपके product information के अनुसार:
- Foomasule No. 1 - FMD की रोकथाम और immunity support के लिए।
- Foomasule No. 2 - FMD से प्रभावित पशुओं में उपचार/support के लिए।
किसी पशु में एफएमडी (FMD) के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत पशु चिकित्सक से संपर्क करें और अपने क्षेत्र की आधिकारिक एफएमडी टीकाकरण (FMD vaccination) एवं बीमारी-नियंत्रण दिशानिर्देश (Disease‑control guidelines) का पालन करें।
सतर्क रहें, पशुओं की नियमित देखभाल करें और एफएमडी (FMD) के फैलाव को रोकने में सहयोग करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Q1. खुरपका-मुंहपका रोग एफएमडी (FMD) के मुख्य लक्षण क्या हैं?
एफएमडी (FMD) के प्रमुख लक्षणों में मुंह में छाले, पैरों में घाव, अत्यधिक लार आना, बुखार, लंगड़ाना और दूध उत्पादन में कमी शामिल हैं।
Q2. जानवरों में खुरपका-मुँहपका रोग (Foot and Mouth Disease in Animals) से बचाव कैसे करें?
पशुओं को समय पर एफएमडी (FMD) का टीका लगवाएं, पशुशाला की साफ-सफाई रखें और संक्रमित पशुओं को स्वस्थ पशुओं से अलग रखें।
Q3. गाय में खुरपका-मुंहपका रोग का उपचार कैसे करें?
गाय में खुरपका-मुंहपका रोग (cow foot and mouth disease treatment) के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत पशु चिकित्सक से संपर्क करें। एफएमडी (FMD) का कोई विशिष्ट उपचार नहीं है, लेकिन उचित देखभाल से पशु को ठीक होने में मदद मिल सकती है।
Q4. Foomasule No. 1 और Foomasule No. 2 में क्या अंतर है?
गोयल वेट फार्मा (Goel Vet Pharma) की उत्पाद जानकारी के अनुसार, Foomasule No. 1 रोकथाम और immunity support के लिए, जबकि No. 2 प्रभावित पशुओं की देखभाल के लिए बताया गया है। हालांकि, एफएमडी (FMD) की रोकथाम या उपचार में इनकी प्रभावशीलता प्रमाणित नहीं है।
Q5. एफएमडी (FMD) होने पर गाय और भैंस का दूध क्यों कम हो जाता है?
एफएमडी (FMD) के कारण मुंह और पैरों में दर्दनाक घाव हो सकते हैं। इससे पशु चारा-पानी कम करता है, कमजोरी आती है और दूध उत्पादन घट सकता है।

